बारहवां भाव — Vyaya Bhav
व्यय, मोक्ष, विदेश
व्यय भाव
द्वादश भाव को व्यय भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी द्वादशेश को व्ययेश कहते हैं। इसी भाव से देखा जाता है कि जातक खर्चीला होगा या मितव्ययी, विदेश यात्रा होगी या नहीं आदि।
इस भाव का कारक: शनि
इस भाव का कारक शनि है।
द्वादश भाव के मुख्य विषय
इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:
- पैर
- नेत्र (बायाँ)
- व्यय
- निद्रा
- शयन-सुख
- संभोग-सुख
- वरदान
- श्रम
- समाधि
- योगाभ्यास
- मोक्ष
- दरिद्रता
- चुगली
- दुख
- खुशामद
- जेल-यात्रा
- स्वर्ग-नरक गमन
- शत्रु-भय
- बंधन
- राजदंड
- दर्द और कर्ज से छुटकारा
- अधिकार समाप्ति
- व्यसन
- विदेश यात्रा
- चाचा
- बिल्ली
- चमगादड़
- मछली
- छिलके वाले वृक्ष
- जहाज के कारखाने
- नाविक
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