ग्यारहवां भाव — Labha Bhav
लाभ, आय, आकांक्षा
लाभ भाव
एकादश भाव को लाभ भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी एकादशेश को लाभेश भी कहते हैं। इसी भाव से जातक की आय के स्रोत का पता चलता है। जातक ईमानदारी या बेईमानी से किस प्रकार धन कमाएगा, यह भी इसी भाव से देखा जाता है।
इस भाव का कारक: गुरु
इस भाव का कारक गुरु (बृहस्पति) है।
एकादश भाव के मुख्य विषय
इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:
- पिंडलियाँ
- बायाँ कान
- लालच
- पराधीनता
- कमाने की क्षमता
- लापरवाही
- सोना
- धन
- लाभ सिद्धि
- वैभव
- कल्याण
- प्रशंसा
- चल संपत्ति
- बड़े भाई-बहन
- पुत्रवधु
- दामाद
- कान के आभूषण
- छायादार मगर बिना कांटे वाले वृक्ष
- अच्छी खबर
- विधानसभा
- विदेश व्यापार
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