Jyotish Zone

केतु ग्यारहवां भाव में

Labha Bhavलाभ, आय, आकांक्षा

शुभ फल

जातक सुन्दर शरीर, भाग्यवान, विद्वान, पराक्रमी, कांतिमान, परोपकारी होता है। वह मीठी वाणी बोलता है। वह उत्तम विद्या प्राप्त करता है तथा शास्त्र रसिक होता है। श्रेष्ठ वस्त्र धारण करता है। श्रृंगार में निपुण होता है, अनेक प्रकार से धन लाभ करता है। स्वयं राज्य संबंध में अधिकारी होता है तथा अपने महकमें में प्रशंसा पाता है। इसके भय से शत्रु पीड़ित रहते हैं। इसके सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं तथा इसका धन शुभ कार्यों में खर्च होता है। उत्तम घर का निर्माण करता है। प्रायः पुत्र नहीं होते, यदि केतु शुभ प्रभाव में हो तो उत्तम पुत्रों की प्राप्ति करता है।

अशुभ फल

इसको पेट तथा गुर्दे में कष्ट रहता है। प्रायः पुत्र संतान भाग्यहीन होती है तथा पीड़ित होती है। जातक को माता का सुख अल्प ही होता है। माता के बैठे पुत्र संतान नहीं होती या मुर्दा पैदा होती है। पैदा होकर भी निन्दित होती है।

संबंधित

अपनी कुंडली में देखें

यह आपके लिए कहाँ स्थित है, यह जानने के लिए अपनी निःशुल्क जन्म कुंडली बनाएं।

मेरी कुंडली बनाएं

दो कुंडलियों का मिलान? कुंडली मिलान आज़माएं