सूर्य ग्यारहवां भाव में
Labha Bhav — लाभ, आय, आकांक्षा
शुभ फल
जातक के नेत्र सुंदर होते हैं। गायन विद्या से प्रेम रहता है। जातक धार्मिक-चित्त, परोपकारी व तपस्वी होता है। उसका भाग्य सात्त्विक विचारों और सदाचार, नेकी से बढ़ता है। खानपान में यदि पक्का शाकाहारी और जुआ, शराब, गाली-गलौज आदि से बचे, तो जीवन हर तरह से आराम, ऐश्वर्य और समृद्धि में व्यतीत होगा। राजदरबार से धन प्राप्त करेगा या स्वयं राजाधिकारी होता है। मान, प्रतिष्ठा, गौरव, उच्च अधिकार पाता है। उसके प्रताप से शत्रु कांपते हैं। उसके घर में नौकर-चाकर व वाहन उपस्थित रहते हैं।
अशुभ फल
जातक संतान पक्ष से दुःखी रहता है। जीवन में किसी प्रियजन का वियोग सहना पड़ता है। जातक का बड़ा भाई अक्सर नहीं होता है या फिर उससे उत्तम संबंध नहीं होते।
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