Jyotish Zone

मंगल ग्यारहवां भाव में

Labha Bhavलाभ, आय, आकांक्षा

शुभ फल

जातक गुणी, बली, शूर, धनी, सुशील, निरोगी व सत्यवक्ता होता है। संग्राम में शत्रुओं पर विजय पाता है। इसलिए सरकार आदि से मान व राजकृपा पाता है और उच्च पदों पर पहुंचता है। जातक यदि कुरूप भी हो, तो भी उसके धन प्रताप के कारण लोग उसकी प्रशंसा ही करते हैं। जातक के कई पुत्र होते हैं। पर यह मंगल पुत्रों के लिए कष्टकारक होता है। जातक स्त्रियों के साथ काम क्रीड़ा करने में कुशल होता है। पशुओं के व्यापार में लाभ होता है; विशेषकर यदि अपनी पूंजी से किया जाए। डॉक्टरों व यांत्रिकों के लिए भी यह मंगल शुभ फल देता है। जातक की 13 वर्ष की आयु में ही उसके माता-पिता बहुत धनी हो जाते हैं।

अशुभ फल

जातक चंचल चित्त वाला व क्रोधी होता है। उसे पेट के रोग होते हैं। कई बार व्यर्थ के भ्रमों का शिकार हो जाता है। ऐसे जातक की चोरी आदि या अग्नि के कारण धन-हानि होती है। वह पुत्र के दुख से पीड़ित होता है। जातक मनहूस होता है। ऐसे जातक के जन्म के बाद घरवालों की जमीन-जायदाद बिक जाती है या फिर नष्ट हो जाती है।

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