Jyotish Zone

शनि बारहवां भाव में

Vyaya Bhavव्यय, मोक्ष, विदेश

शुभ फल

जातक बलवान्, दयालु तथा जनसमूह का नेता होता है। वह राजनीतिक बनता है और विदेश में प्रसन्न रहता है। वकालत व व्यापार से धन लाभ कमाता है। शत्रुओं पर हावी रहता है। इसके घर में खाने-पीने की वस्तुओं का लाभ रहता है। यदि शनि शुभ प्रभाव में हो तो जीवन में राजयोग बनता है और अंत में जातक एकांतप्रिय होकर संन्यासी जैसा हो जाता है। अंत में मृत्यु के बाद भी शुभ गति प्राप्त करता है।

अशुभ फल

जातक डरपोक, लज्जाहीन, कठोर बुद्धि, निर्दयी, ठग, पतित तथा आलसी होता है। नीच वृत्ति के लोगों की संगति व सेवा करता है। किसी अंग में विशेषकर जांघ, पैर आदि में चोट लगती है। दृष्टि कमज़ोर होती है। वह व्यर्थ के व्यय में धन नष्ट करता है। वह बंधुओं से दुश्मनी करता है। घर या मातृभूमि से उसे सुख, प्रसन्नता कम ही मिलती है। अपने लोगों से अपमानित होता है। वह शत्रुओं द्वारा पराजित होता है। जेल जाने की नौबत आ जाती है। शनि पाप प्रभाव में हो तो मरने के बाद नरक गामी हो जाता है।

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