Jyotish Zone

शुक्र बारहवां भाव में

Vyaya Bhavव्यय, मोक्ष, विदेश

शुभ फल

जातक धनी, स्थूल शरीर व खेलकूद व मनोरंजन का शौकीन होता है। उसे कामकेलि में बहुत आनन्द आता है। उसकी पत्नी पतिव्रता और सुख देने वाली होती है। वह प्रायः स्त्री के अधीन रहता है। उत्तम शय्या सुख प्राप्त करता है। पशुपालन की ओर रुचि होती है और उनसे लाभ कमाता है।

अशुभ फल

जातक निर्धन, झूठा, क्रूर, कामुक, व्यभिचारी, कपटी, कलाप्रिय, श्रद्धाहीन होता है। वह परस्त्री गामी होता है। रखैल रखता है। शुक्र ग्रह की अशुभ दृष्टि में या तो पत्नी से तलाक हो जाता है या स्त्री की मृत्यु हो जाती है या पत्नी की बीमारी पर काफी धन खर्च होता है। जातक के शरीर में कफ की अधिकता रहती है। वह अपने मित्रों और परिवारजनों से बैर करता है। उसका धन फ़िजूल खर्च में नष्ट हो जाता है। अंत में ऋणग्रस्त हो जाता है। यदि वह नास्तिक हो तो उसका भाग्य नष्ट हो जाता है।

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