Jyotish Zone

पांचवां भावPutra Bhav

संतान, बुद्धि, प्रेम

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उत्तर भारतीय कुंडली में पांचवां भाव

संतान भाव

पंचम भाव को संतान भाव कहते हैं। इस भाव में पड़ी राशि के स्वामी को पंचमेश, संतानेश अथवा विद्याधीश भी कहते हैं। इसी भाव से जातक की अगली पीढ़ी का ज्ञान होता है। जातक के कितने बच्चे होंगे, उनका स्वभाव, चरित्र आदि इसी भाव से देखे जाते हैं। साथ ही जातक की शिक्षा का विचार भी इसी भाव से किया जाता है।

इस भाव का कारक: गुरु

इस भाव का कारक गुरु (बृहस्पति) है।

पंचम भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

पांचवां भाव में प्रत्येक ग्रह

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