Jyotish Zone

शनि पांचवां भाव में

Putra Bhavसंतान, बुद्धि, प्रेम

शुभ फल

शनि यदि शुभ प्रभाव में हो तो जातक स्वाभिमानी, धर्मात्मा, दीर्घायु तथा शत्रु विजेता होता है। वह भ्रमणशील होता है। ऐसा शनि प्रायः विद्या में बाधा देता है परन्तु शनि (यन्त्र) की विद्या में अच्छी सफलता होती है। जातक को एक पुत्र अवश्य प्राप्त होता है। कन्यायें अधिक होती है। संतान के बनाये मकान शुभ फल देते हैं परन्तु अपने बनाये मकान अशुभ फल देते हैं। यात्रिकी, खानों, ज़मीनों से, सार्वजनिक महकमों से लाभ होता है।

अशुभ फल

जातक कुटिल, कुरुप, श्रद्धाहीन, नास्तिक, बुद्धिहीन, शक्की मिजाज, शठ, आलसी, निर्धन होता है। उन्माद पेट के रोग होते हैं, अक्सर रोगों से घिरा रहता है। उसकी शिक्षा पूर्ण नहीं होती। इसकी सम्पत्ति, धन ऐश्वर्य चंचल रहता है। इसे कामेच्छा कम होती है अत: उसे संतान सुख नहीं होता। कई बार दत्तक पुत्र लेना पड़ता है। मित्रों से कष्ट प्राप्त होता है। प्रेम प्रकरणों में असफल रहता है।

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