Jyotish Zone

चौथा भावSukh Bhav

माता, घर, सुख

सुख भाव

चतुर्थ भाव को सुख भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी को चतुर्थेश अथवा सुखेश भी कहते हैं। इसी भाव से जातक की समृद्धि, सुख, माता के साथ व्यवहार, उसकी सेहत और आयु आदि का विचार किया जाता है।

इस भाव का कारक: चंद्र और बुध

इस भाव का कारक चंद्र और बुध हैं। अर्द्धरात्रि में सूर्य चतुर्थ भाव में रहते हैं।

चतुर्थ भाव में बली राशियाँ

कर्क, मकर और मीन राशियाँ चतुर्थ भाव में बली मानी जाती हैं।

चतुर्थ भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

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