Jyotish Zone

छठा भावAri Bhav

शत्रु, रोग, ऋण

रोग एवं शत्रु भाव

षष्ठ भाव को रोग या शत्रु भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी षष्टेश को रोगेश भी कहते हैं। इसी भाव से जातक के जीवन में शत्रु कैसे होंगे, वे उन पर हावी होंगे या नहीं, शरीर की बीमारी और ॠण आदि का फल लगाया जाता है।

इस भाव का कारक: शनि और मंगल

इस भाव का कारक शनि और मंगल हैं।

षष्ठ भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

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