बुध छठा भाव में
Ari Bhav — शत्रु, रोग, ऋण
शुभ फल
जातक गुणी, तार्किक, विद्वान व विनोदी स्वभाव का होता है। वह सम्मानित लेखक बनता है। अपने शत्रु व विरोधियों को पराजित करता है। खेती, मस्तिष्क संबंधी कार्य, लेखन विद्या व व्यापार के जरिए धन कमाता है। इसका धन शुभ कार्यों में खर्च होता है। ईमानदारी बरतने से धन और भी बढ़ता है। समुद्री सफर के परिणाम शुभ होते हैं। संतों व विद्वानों की संगति से यह जातक ब्रह्म ज्ञान प्राप्त करता है। यदि बुध नीच या शत्रु राशि में हो, तो वह संन्यासी हो जाता है। उसके मुंह से निकला अच्छा व बुरा शब्द अवश्य पूरा होता है।
अशुभ फल
जातक आलसी, कठोर वचन बोलने वाला, क्रोधी, झगड़ालू, कामुक, ईर्ष्यालु, शीलहीन व बुद्धिहीन होता है। उसका चित्त सदा अशांत रहता है। वह भाई-बंधुओं से विरोध करता है। यदि जातक लालची हो, तो स्वयं बरबाद होगा। उसके पेट पर नाभि के पास व्रण होता है। वादविवाद में सदा पराजित होता है। दस्तकारी के कार्यों से अक्सर लाभ नहीं होता, माता के लिए अशुभ फल होते हैं। इसके मामा को अधिकतर कन्याएं होती हैं। यदि बुध वक्री हो, तो वह शत्रुओं से पीड़ित होता है।
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