Jyotish Zone

चंद्र छठा भाव में

Ari Bhavशत्रु, रोग, ऋण

शुभ फल

यदि चंद्र बली हो, तो जातक सुखी जीवन का स्वामी होता है। लंबी आयु वाला होता है। विद्या प्राप्त करता है और उससे सुख भी पाता है। लेकिन विद्या प्राप्ति में कई बार रुकावटें आ सकती हैं। वह शूर व साहसी होता है। चाहे ऐसे जातक के जीवन में शत्रु बहुत हों, पर वे जातक के प्रताप के सामने ठहर नहीं पाते। शत्रु या विरोधी बार-बार उठ कर भी हार खाते हैं और जातक को विजयश्री प्राप्त होती है। उसके वंश में से कोई विदेश जाता है या रहता है। यदि जातक स्‍त्री हो, तो उत्तम नर्स बन सकती है।

अशुभ फल

जातक को कोई न कोई रोग (खासकर कफ व वातरोग) लगा ही रहता है। उसकी जठराग्नि व कामाग्नि तीव्र नहीं होती। कर्म करने में वह आलसी रहता है। विधवा स्त्री से संभोग करता है, लेकिन स्त्रियों से उत्तम संबंध नहीं होते। उसे माता का सुख न हो या उससे उत्तम व्यवहार नहीं रहते। जीवन में अपमान और गरीबी के कारण दुःख भोगता है। पुत्र संतान अल्प होती है। उसके मामा या मौसी को भी संतान सुख या संतान गृहस्थ सुख नहीं के बराबर ही होता है। राज्य में चोरी या बंधुओं के कारण धन हानि होती है।

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