Jyotish Zone

मिथुन राशि

क्रम
3
तत्व
वायु
स्वामी
बुध

खगोल परिचय

मिथुन मंडल का नाम दिव्य जोड़े सूर्य (पुरुष), चन्द्र (स्त्री) के नाम पर रखा गया है। इस राशि में मृगशिरा का शेष आधा भाग, पूर्ण नक्षत्र एवं पुनर्वसु का 3/4 भाग पड़ता है।

पौराणिक वर्णन

आकाश गंगा का एक सिरा मिथुन के जुड़े तारों के समीप से गुजरता है। यह उल्लेख ॠग्वेद (1/116/17) में से विराज के अश्विनी कुमार के रथ पर चढ़ने के साथ में मिलता है। पुराणों में मिथुन उस आदि जोड़े का प्रतीक भी है जिसने सृष्टि का प्रारम्भ किया। वेदों में इसे ब्रह्म और वाक् रूप में दिखाया गया है। सांख्य दर्शन भी पुरुष और प्रकृति का द्वैत दिखाते हैं तथा अर्धनारीश्वर के रूप में शिव शक्ति के द्वैत के एकत्व में दिखाया गया है।

प्रकृति

हरे रंग वाली इस राशि की आकृति भी पुरुष के जोड़े से बनी है। स्त्री वीणा हाथ में लिए है और पुरुष गदा धारण किए है। इसका स्वामी बुध है। इसमें राहु उच्च और केतु नीच माने जाते हैं। शरीर में कंधे से हाथ तक फेफड़ों स्नायुओं पर इसका अधिकार रहता है। त्रिदोष वात, पित्त, कफ वाली इस राशि का स्वभाव विद्याध्ययन, वाणी कार्य, शिल्पकारी करना है।

गुणमान
रंगहरा
आकृतिपुरुष का जोड़ा
स्वामीबुध
उच्च राशिराहु
नीच राशिकेतु
शारीरिक अधिकारकंधे से हाथ तक, फेफड़े और स्नायु
प्रकृतित्रिदोष (वात, पित्त, कफ)

स्थान

यह राशि क्रीड़ा स्थल, पार्क, नृत्य स्थल, पाठशाला, नाट्य शाला, सिनेमा घर, शिक्षालय, स्कूल, कॉलेज, जुआ घर, दर्शनीय स्थान, विहार भूमि, सोने का कमरा, रति स्थान में निवास करती है।

वस्तुएं

वन फल, जूट, गन्ना, खरीफ की फसल, लता, कंदमूल, स्त्री।

प्रभाव

यदि जन्म या नाम राशि, मिथुन हो तो जातक उठी हुई नाक व गुलाबी नेत्रों वाला, चतुर, कुशाग्र बुद्धि, भाग्यवान, कौतुक प्रेमी, शास्त्रों के जानने वाला, पुस्तक प्रेमी, लेखक, यात्रा प्रेमी होता है। वह अधिक भोजन का शौकीन, हँसमुख, कामशास्त्र में निपुण, रति प्रिय होता है। जातक एक से अधिक व्यवसाय करता या बदलता है। अचानक अपरिचित व्यक्तियों या अपरिचित स्थान से लाभ उठा लेते हैं। गणित व ज्योतिष का प्रेमी होता है।

वृष, सिंह, कन्या, तुला राशि वालों के साथ जातक के उत्तम सम्बन्ध रहते हैं। परन्तु कर्क राशि वालों से विरोध की संभावना रहती है। अशुभ असर के समय जातक, जुआरी, अल्प पुत्रवान्, शीघ्र क्रोधी हो जाता है।

रोग

कान रोग, अचानक दर्द उठना, हकलाना, अस्थमा, न्यूमोनिया, गठिया आदि रोगों से पीड़ित होता है।

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