मेष लग्न
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- मंगल
शरीर
जातक की गर्दन लम्बी, आँखें बड़ी और गोल, तीव्र दृष्टि, बाल घुंघराले तथा बड़े होते हैं। शरीर प्रायः दुबला-पतला, मध्यम कद का, लालिमा लिए होता है। शरीर में किसी जगह पर जख्म आदि का निशान होता है। घुटने कमज़ोर होते हैं।
स्वभाव
साहसी, मेहनती व पराक्रमी होता है। मेधावी, स्वतंत्रता प्रेमी, उदार, पर कुछ-कुछ दंभी स्वभाव वाला होता है। मदद करने पर आए तो जी-जान से मदद करता है।
जीवन
जातक यात्रा का प्रेमी होता है। नौकरी में उच्च पद के लिए महत्त्वाकांक्षी होता है।
रोग
ऐसे जातक को अक्सर सिर व मस्तिष्क के रोग हो सकते हैं, इसलिए पूर्ण विश्राम और निद्रा की जरूरत होती है। उत्तेजना से बचें। साधारण व्यायाम एवं स्वच्छ हवा का सेवन जातक के लिए लाभदायक है।
भावेश
इस लग्न वाले के लिए ग्रहों का भावेश इस प्रकार है:
- सूर्य पंचमेश
- चंद्र चतुर्थेश
- मंगल लग्नेश व अष्टमेश
- बुध तृतीयेश व षष्ठेश
- गुरु भाग्येश व द्वादशेश
- शुक्र द्वितीयेश व सप्तमेश
- शनि दशमेश व एकादशेश
सूर्य, चन्द्र, मंगल तथा गुरु विशेष शुभदायी हैं। शुक्र मारकेश, लेकिन मृत्युदायक नहीं होता। बुध, शुक्र और शनि क्रूर फलदायक होते हैं।
मेष लग्न में उत्पन्न विख्यात व्यक्ति
पृथ्वीराज चौहान, सिकन्दर, सुभाष चन्द्र बोस, सम्पूर्णानन्द, जयनारायण व्यास, जनरल डिगाल, गुलजारीलाल नन्दा।
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