सूर्य पहला भाव में
Tanu Bhav — स्वयं, शरीर, व्यक्तित्व
शुभ फल
जातक ऊंचा लंबा कद, अल्प केश, निरोग व मेधावी होगा। उसमें आत्मिक व शारीरिक शक्ति प्रबल होगी। वह चरित्रवान, परोपकारी, संतोषी, साहसी लेकिन क्रोधी स्वभाव का होगा। वह कानों सुनी बात न मानकर आंखों देखी पर विश्वास करने वाला होता है। परम्परा को मानने वाला व मादक द्रव्यों से दूर रहता है। जातक उच्च पदाधिकारी होता है और देर तक राज कार्य से उसका संबंध रहता है। यात्रा आदि में लाभ होता है। यशस्वी और प्रसिद्ध होता है। माता-पिता की सेवा करने वाला यह प्राणी चाहे विरासत में धन न पाए लेकिन स्वयं धन कमाकर अपनी संतान को दे जाएगा। जातक कम संतान वाला होता है।
अशुभ फल
जातक नास्तिक, निर्दयी स्वभाव का नेत्र-रोगी होता है। जातक का शरीर वात-पित्त रोगों से पीड़ित रहता है। पारिवारिक जनों से दुख पाता है। विदेश में धन हानि होती है। निम्न स्तर के लोगों के अधीन रहता है। (मादक द्रव्यों के सेवन आदि से वेश्यावृत्ति में आसक्त रहता है।)
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