Jyotish Zone

शुक्र तीसरा भाव में

Sahaj Bhavभाई-बहन, साहस, संवाद

शुभ फल

जातक सुखी, माननीय, धनी, मधुरभाषी, प्रतापी होता है। उसे नये नये फैशन का शौंक होता है। भाषा शास्त्र, चित्रकला आदि में रुचि होती है या प्रयास करता है। उसे भाई-बन्धु तथा अन्य परिवार के लोग सुखी रहते हैं। उसे पुत्र प्राप्त होते हैं। वह प्रायः पत्नी के मतानुसार चलने वाला होता है। वैसे उसकी पत्नी पतिव्रता होती है तथा एक बैल की भाँति उसके कार्यों से उसका हाथ बटांती है।

अशुभ फल

जातक कंजूस, डरपोक, उत्साहहीन, क्रोधी, सुंदर होता है। अपने समाज में लोग इसे पसंद नहीं करते। उसे आँखों और कानों के रोग होते हैं। पति-पत्नी में साधारण उदासीन संबंध होते हैं परन्तु जातक स्त्रियों, पराई स्त्रियों से प्रेम करता है। क्योंकि उस पर कोई ना कोई मर मिट ही जाती है। इस कारण अपनी पत्नी से दबकर ही चलना पड़ता है। पुत्र की ओर से भी दुःखी रहता है। जीवन में शत्रुओं के कारण पराजित रहता है। धन हानि होती है।

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