Jyotish Zone

मंगल सातवां भाव में

Yuvati Bhavविवाह, साझेदारी, व्यापार

शुभ फल

जातक विदेश यात्राएं करता है। वह बुद्धिमान, दृढ़ निश्चयी, युद्धप्रिय, न्यायप्रिय व फुर्तीला होता है। कामकेलि में अति चंचल होता है। गणित में प्रवीण होता है। प्रेस, लकड़ी, यंत्रों, पुलिस या सर्जरी संबंधी कामों में सफल रहता है। जातक मध्यम दर्जे का जीवन नहीं जीता, या तो बहुत सफल होता है या फिर खाक ही उड़ती हैं। ऐसा जातक दूसरों को भी साहस और मदद देता है। उम्र के साथ-साथ उसके अधिकारों में वृद्धि होती रहती हैं। जातक का छोटा भाई नहीं होता। अक्सर पत्नी के छोटे भाई भी कम ही होते हैं। पत्नी उत्तम सुख देने वाली, पर तेजस्वी स्वभाव की होती है। उसके स्तन कठोर व उन्नत होते हैं।

अशुभ फल

जातक की प्रगति में बाधा होती है। वह दुष्ट, दुराचारी, दुर्बुद्धि व जिद्दी होता है। व्यर्थ की चिंताएं उसे घेरे रहती हैं। शत्रुओं से या व्रण, रक्त व पेट के रोगों से पीड़ित होता है। उसे घर का सुख कम होता है। नीच लोगों की नौकरी करता है। सांझेदारी व व्यापार भी उत्तम लाभ नहीं देते। अदालती झगड़ों के कारण स्थावर संपत्ति नष्ट हो जाती है। इस मंगल का विशेष अशुभ फल जातक की पत्नी से संबंधित होता है। स्त्री से वियोग या स्त्री के दुख, मरण आदि से परेशान रहता है। संभोग सुख में कमी आती है। यदि पत्नी जीवित भी रहे, तो गर्म स्वभाव की, दुर्बल शरीर और कम संतान वाली होती है।

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