Jyotish Zone

केतु सातवां भाव में

Yuvati Bhavविवाह, साझेदारी, व्यापार

शुभ फल

इस भाव में केतु प्राय: अशुभ फल ही देता है, परन्तु यदि केतु शुभ प्रभाव में हो तो जातक निर्भय, बहादुर होता है, उसका मन स्थिर रहता है और सुख प्राप्त करता है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है।

अशुभ फल

जातक शीलहीन, मूर्ख, आलस भरा, हर समय सोते रहने की आदत होती है। चोरी से व्यर्थ खर्चों के कारण इसका धन नष्ट हो जाता है। समाज में रहता है। उसे यात्रा से काफी परेशानी सहनी पड़ती है। शत्रुओं से, जल से भय रहता है। पत्नी-पुत्रों आदि को कष्ट होता है। पत्नी से वियोग रहता है या उत्तम संबंध नहीं होते। वह स्वयं व्यभिचारिणी स्त्रियों से संभोग करता है। अंत में आंतों आदि वीर्य संबंधी रोगों से पीड़ा पाता है। झूठे वायदे करना और भी बर्बादी का कारण होता है।

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