केतु आठवां भाव में
Randhra Bhav — आयु, रूपांतरण, गूढ़ विद्या
शुभ फल
जातक पराक्रमी तथा सदा मेहनत करने का आदी होता है। शुभ राशियों में केतु हो तो धन द्रव्य तथा पुत्र का लाभ होता है। वाहन से, राज सरकार आदि से धन प्राप्त करता है। विशेषकर बहन का विवाह हो जाने के बाद, यदि केतु शुभ ग्रहों की दृष्टि में हो, तो दीर्घायु व धनी बना देता है।
अशुभ फल
जातक रोगी, दुराचारी, लोभी, पशु में, सवारी में, गिरते शस्त्र से चोट का भय रहता है। पुत्र प्राप्ति में बाधा रहती है। मुख तथा दांतों में भी रोग होते हैं। दूसरों को दिया उसका धन वापस मिलने में बाधाएं आती हैं। वैसे भी धन कमाने में कठिनाई आती है। मित्रों में वियोग, कलह रहती है, दूसरे की स्त्रियों से आसक्त रहता है। उसकी पत्नी की सेहत अक्सर खराब रहती है।
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