Jyotish Zone

केतु नौवां भाव में

Dharma Bhavधर्म, भाग्य, उच्च शिक्षा

शुभ फल

जातक शूर, पराक्रमी, उदार, दयालु होता है। वह स्वयं राजा या मंत्री होता है। वह काफी भ्रमण करता है। वह अपने पास कई शस्त्र रखता है। उसे पुत्र प्राप्ति अवश्य होती है। पिता के साथ उत्तम संबंध होते हैं। इसके जन्म के बाद पिता की आर्थिक स्थिति उच्च हो जाती है। म्लेच्छ या विदेशी लोगों से जातक को धन लाभ तथा भाग्य में वृद्धि होती है। हाथ के काम से लाभ कमाता है। घर में सोना रखने से सोना और भी बढ़ता है। वह तपस्या तथा दान आदि से आनंद पाता है।

अशुभ फल

जातक क्रोधी, परनिंदक, दंभी, भाग्यहीन, दरिद्री होता है। उसके शरीर तथा भुजाओं में पीड़ा रहती है। पुत्र संतान कम होती है। मित्र व सगे भाईयों में पीड़ा प्राप्त होती है। वह पिता से द्वेष करता है या समाज में उसकी निंदा होती है। लोग इसके तप, दान आदि की खिल्ली उड़ाते हैं। कई बार ऐसा जातक धर्म परिवर्तन कर लेता है। मामा वंश पर भी यह केतु अशुभ फल देता है।

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