केतु दूसरा भाव में
Dhan Bhav — धन, वाणी, परिवार
शुभ फल
जातक रूपवान् प्रिय तथा मधुर वचन बोलने वाला होता है। उसे घर व धन का बहुत लाभ होता है। अपनी कमाई से जातक का जीवन सुखमय तथा रौनक वाला बीतता है। ट्रांसफर के भ्रमण के कारण उन्नति करता है। राज सरकार से खिताब मिलते हैं, विशेषकर यदि जातक पूजा-पाठ करने वाला है।
अशुभ फल
जातक दुष्ट, दुःखी, भाग्यहीन, धर्महीन होता है। कुटुम्ब में उसका विरोध रहता है। कटु वचन बोलता है। आदर सत्कार करना नहीं जानता है। नीच संगति में रहकर अपराध कार्यों में शामिल होता है। वह राजदंड या लूट आदि के कारण दाने-दाने को मोहताज़ हो जाता है, दूसरों के टुकड़ों पर पलता है। उसे मुख के रोग होते हैं। स्त्री सुख से रहित होता है। जातक यदि व्यभिचारी हो तो, पुत्र का मुंह नहीं देख पाता।
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