Jyotish Zone

केतु पहला भाव में

Tanu Bhavस्वयं, शरीर, व्यक्तित्व

शुभ फल

शुभ प्रभाव वाले केतु के समय जातक को स्थिर संपत्ति या राज वैभव तथा पुत्र सुख होता है। वह भ्रमणशील होता है। धन वृद्धि के साथ-साथ उसकी कामदेव की बेहयाई भी बढ़ती है। सरकारी नौकरी राजदरबार में उत्तम फल होते हैं। हो सकता है उसका जन्म के ननकाने में हो या उस समय वहाँ से कोई संबंधी उपस्थित हो। जातक यदि धार्मिक चिंतन वाला हो तो ध्यान, तप के द्वारा ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

अशुभ फल

जातक डरपोक, उद्विग्न, झूठा, कृतघ्न, दुःखी, निस्तेज, व्यग्र, बुरी संगति में रहता है। उसके शरीर में वातरोग या छात होता है। चित्त में भ्रम व व्यर्थ चिंता घबराहट रहती है। उसे बांधवों में क्लेश दुर्जनों से भय तथा स्त्री, पुत्र आदि की चिंता होती है। पत्नी को कष्ट, विकलता, मृत्यु तक हो सकती है। नौकरी आदि से वह पदच्युत होता है। मामा को कष्ट होता है।

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