बुध दूसरा भाव में
Dhan Bhav — धन, वाणी, परिवार
शुभ फल
जातक उभरे हुए मस्तक वाला, शीलवान, सदाचारी, सत्यवक्ता, निर्मल वाणी वाला, पिता व गुरु का भक्त होता है। वह मीठा खाने का शौकीन होता है। सूक्ष्मद्रष्टा, बुद्धिमान, काव्य, गणित आदि सर्वशास्त्रों का मर्म जानने वाला होता है। विद्वानों की सभा में गुरु बृहस्पति व भगवान् व्यास जैसा सम्मान पाता है। इसका भाषण तेजस्वी व प्रभावशाली होता है। विरोधियों पर विजय पाता है। कोई इसके कथन के विरुद्ध जा नहीं पाता। अपनी बुद्धि व भुजा बल से प्रतापी और धनी होता है। सभी प्रकार के भोग भोगता है। अपनी बुद्धि व भुजा बल से कमाया धन दान में दे देता है। अनेक शुभ कार्य करता है। लेखन, व्यापार, शिक्षा संबंधी, अकाउंटेंसी आदि कार्यों से जीविका चलाता है। जीवन में सुखी, प्रगतिशील व सरकार से मान-सम्मान पाता है। ससुराल से उत्तम संबंध रहते हैं। धर्म में रुचि हो तो जातक श्रेष्ठ योगी बनता है।
अशुभ फल
यदि बुध पर अशुभ प्रभाव हो तो जातक क्रूर, विद्याहीन, स्वार्थी व दरिद्र होता है। वह अक्सर त्वचा रोग से पीड़ित रहता है। संतान की ओर से दुखी होता है। पक्षी पालने व साली के साथ से, पत्नी व धन की स्थिति खराब हो जाती है। उस को पिता का सुख कम ही होता है। उसकी आयु के 17 या 34 वर्ष के आसपास पिता की सेहत या आर्थिक स्थिति कमज़ोर हो जाती है। पिता लखपति हो, तो भी जातक के लिए लाभदायक नहीं होता है।
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