कन्या लग्न
- राशि
- कन्या
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- स्वामी
- बुध
कन्या लग्न पूर्वी क्षितिज पर जन्म के समय उदित होने वाली राशि है।
शरीर
जातक का कद प्रायः लम्बा, मुख पर कांति वाला होता है तथा किंचित स्त्री जैसा दिखता है। बाजू और कंधे छोटे होते हैं। नाक सीधी होती है।
स्वभाव
जातक सत्यवादी, न्यायप्रिय, धैर्यशाली, स्नेही और दयालु होता है। बातों को गुप्त रखने में कुशल होता है। कार्य कुशल व साहसी होता है। विद्वान लोगों का प्रेमी होता है। जातक स्त्री विलास में विशेष रूचि रखता है।
जीवन
किस कार्य को कब करना है, जातक यह खूब जानता है। दूसरों से काम लेने में चतुर होता है। व्यापार आदि में सफल रहता है।
रोग
जातक को पेट संबंधी रोग होते हैं। इसका कारण उसकी मानसिक अस्वस्थता होती है। इसलिए व्यर्थ बातों से बचें और उचित आहार लें।
भावेश
कन्या लग्न के लिए भावेश इस प्रकार होते हैं:
- सूर्य: द्वादशेश
- चंद्र: एकादशेश
- मंगल: तृतीयेश व अष्टमेश
- बुध: लग्नेश व दशमेश
- गुरु: चतुर्थेश व सप्तमेश
- शुक्र: द्वितीयेश व भाग्येश
- शनि: पंचमेश व षष्ठेश
इनके लिए शुक्र व बुध विशेष शुभ फलदायक होते हैं। शनि भी शुभ है, लेकिन गुरु, चंद्र, सूर्य एवं मंगल अनिष्टकारी होते हैं।
कन्या लग्न में उत्पन्न विख्यात व्यक्ति
अमेरिकन राष्ट्रपति हैरी टरुमैन एवं कैनेडी, सर्वपल्लि राधा कृष्णन, गायक मुकेश, अपर्णा सैन, श्री दलाईलामा वर्तमान।
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