Jyotish Zone

चंद्र पहला भाव में

Tanu Bhavस्वयं, शरीर, व्यक्तित्व

शुभ फल

जातक सुंदर, मोहक चेहरे और आकृति वाला होता है। वह पवित्र स्वभाव का, धनी, प्रसन्नचित्त, धार्मिक व दयालु होता है। वह विद्वान होता है। विद्या पर खर्च किया धन व्यर्थ नहीं जाता। खासकर विद्या राज्य संबंध में काफी सहायक होती है। ऐसा जातक स्त्रियों का प्यारा, विशेषकर अपनी माता से बहुत प्यार पाता है। वह यशस्वी व विद्वान होता है। जीवन में बहुत सुखी होता है। कई विदेश यात्राएं करता है। सामाजिक कार्यों में रुचि लेता है। उसका जन्म माता-पिता की विशेष कामना के फलस्वरूप होता है या फिर काफी तरसने के बाद मां-बाप ऐसे जातक को संतान रूप में पाते हैं। इसलिए यह माता पिता का बहुत प्यारा होता है। उसके जन्म के बाद उनकी धन की स्थिति भी श्रेष्ठ हो जाती है। जातक का भाग्य माता व वृद्ध स्त्रियों की सेवा करने व उनका आशीष पाते रहने से बहुत बढ़ता है। इस भाव में मेष, वृष व कर्क राशि में चंद्र विशेष शुभफल देता है।

अशुभ फल

यदि चंद्रमा क्षीण हो या क्रूर ग्रहों से संबंध करता हो, तो जातक झूठा, कृतघ्‍नी, व्याकुलचित, धूर्त व अति दीन होता है। विपरीत परिस्थितियों में वह जल्दी घबरा जाता है। खांसी, श्वास संबंधी व वात रोगों से कष्ट पाता है। हो सकता है ऐसे जातक के बड़े भाई-बहन न हों या उसके जन्म से पहले ही गुजर चुके हों। मुफ्तखोरी से या दूध बेचने से जातक की धन की स्थिति खराब होती चली जाएगी।

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