Jyotish Zone

बुध दसवां भाव में

Karma Bhavकर्म, प्रतिष्ठा, अधिकार

शुभ फल

जातक सुखी, शूर, रूपवान्, गंभीर, मितभाषी, सात्त्विक, बुद्धि वाला, यशस्वी होता है। वह नीतिशास्त्र का ज्ञाता होता है तथा अपनी मीठी वाणी, कविता से, शिल्प से, लेखन, व्यापार तथा साहित्य कार्यों से जीविका चलाता है। वह सरकारी नौकरी भी करता है। चाटुकारिता से अपना काम निकालने में कुशल होता है। उसे पैतृक सम्पत्ति तथा राज्य में धन, अधिकार की प्राप्ति होती है। समाज में पूजित होता है। दण्ड देने की शक्ति का स्वामी होता है। वह समृद्ध जीवन, वाहन सुख ऐश्वर्य भोगता है। प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त करता है। गुरुजनों की सेवा करता है। उसे माता का सुख मिलता है।

अशुभ फल

जातक मूढ़ तथा आचार भ्रष्ट होकर नीच कर्म करता है। वह स्वार्थी तथा जी-हुजूरिया होता है। वह थाली का बैगन अपना मन स्थिर नहीं रखता। उसे नेत्र रोग (चापलूस) होते हैं। शराब पीने के शौक में जीवन बर्बाद तथा शरीर रोगों से भर जाता है।

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