शुक्र सातवां भाव में
Yuvati Bhav — विवाह, साझेदारी, व्यापार
शुभ फल
जातक आकर्षक चेहरे वाला, प्रसन्न मन, निरोग, उदार, प्रतापी, आराम पसंद, व्यवहार चतुर, गायन, नृत्य आदि का कलाकार होता है। उसे जल क्रीड़ा का शौंक होता है तथा वह भ्रमणशील होता है तथा प्रदेश वास करता है। उसे सुन्दर स्त्रियों से मुख प्राप्त होता है। भोग इच्छा प्रबल होती है। जातक को शुद्ध, चरित्रवान्, भाग्यवान् पुत्र प्राप्त होते हैं। उसकी पत्नी कुलीन तरुण दिखने वाली, गोरो, प्रफुल्लित आँखों वाली, पतिव्रता भाग्यवती, धनवती होती है।
अशुभ फल
जातक कलहप्रिय, कामुक, पुरुषार्थहीन, शंकालु चित्त, वात रोग के कारण कमर में पीड़ा रहती है। उसे वेश्याओं या कुलटा स्त्रियों से प्रेम होता है। पर अपनी पत्नी से वैमनस्य रखता है। साला या ससुर आदि के साथ कारोबार करने पर धन हानि होती है। यदि शुक्र पाप ग्रह के साथ हो तो स्त्री सुख कम होता है। स्त्री की मृत्यु तक हो सकती है।
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