Jyotish Zone

राहु सातवां भाव में

Yuvati Bhavविवाह, साझेदारी, व्यापार

शुभ फल

प्रायः इस घर में राहु शुभ रहता है। शुभ प्रभाव होने पर जातक शूर, बलवान प्रतापी होता है। राजसभा में हमेशा शुभ फल मिलते हैं। यह राजदरबार में मंत्री जैसे उच्च पदों को पाता है। उसके घर में धन सम्पत्ति वाहन आदि सब सुख होते हैं। वह कई पुत्रों का पिता होता है। उसे कभी गरीबी के कारण किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता है। प्रवास में अच्छा समय बीतता है। विवाह शीघ्र हो जाता है। पति-पत्नी दोनों में दाम्पत्य प्रेम उत्तम होता है।

अशुभ फल

जातक क्रोधी, घमंडी, अल्पमति, झगडालू, आवारा फिरने वाला होता है। धर्महीन, व्यभिचारी, रोगी, देह पीड़ा हो, वातरोग कमर में कष्ट रहता है। इसे वियोग तथा लोक निन्दा सहनी पड़ती है। विक्रय व्यापार से उसे लाभ नहीं होता। पाप कामों जुआ, सट्टा आदि से विवाह के बाद उसके ससुर को मृत्यु कष्ट होता है। ऐसे जातक की पत्नी (पत्नियां) प्रदर रज-स्राव आदि रोगों से ग्रस्त रहती है। अपनी पत्नी के विरुद्ध रहता है। स्वयं पत्नी भी कुरुप, क्रोधी, कुटिल, झगड़ालू, प्रचंड, घमंडी, कामेच्छा रहित होती है। कई बार तलाक आदि होता है। अतः इन लोगों को शैय्या सुख नहीं होता। परिणामत: जातक अन्य स्त्रियों से अवैध सम्बन्ध रखता है। प्रायः विधवा त्यागी हुई या अपने से बड़े उम्र वाली या वेश्या आदि से संभोग करता है। अंत में यह व्यक्ति पुरुषत्व शक्ति खो बैठता है और रोगों से पीड़ित होता है।

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