Jyotish Zone

चंद्र तीसरा भाव में

Sahaj Bhavभाई-बहन, साहस, संवाद

शुभ फल

जातक शूर, प्रसन्नचित्त, विद्वान, धार्मिक, सतोगुणी, शास्त्र-व्यसनी व काव्य शास्त्र में रुचि रखता है। वह सुंदर स्त्रियों से प्रेम करने वाला तो होता है, पर उनके आकर्षण-जाल में कभी नहीं फंसता। उसकी पत्नी भी उत्तम व धार्मिक स्वभाव की होती है। वह अपने पराक्रम से धन लाभ कमाता है, विद्या प्राप्ति करता है, पर विद्या अध्ययन के समय उसके पिता की आर्थिक स्थिति कमज़ोर रहती है, जिसके कारण जातक को विद्या प्राप्ति में रुकावटें आती हैं, पर अंत में विद्या पूरी कर उससे लाभ पाता है। जातक अपने भाई-बंधुओं से सुख पाता है और उन्हें भी सुख देता है। अपने वंश में मुखिया बनता है। संसार में आदर मान पाता है। संपूर्ण जीवन सुखमय रहता है। यदि वह साधु या योगी हो जाए, तो कई सिद्धियों का स्वामी हो जाता है।

अशुभ फल

अशुभ या क्षीण चंद्र के समय जातक को कफ रोग होता है। अगर चंद्र क्रूर ग्रहों से प्रभावित हो, तो जातक का स्वभाव कृपण, घमंडी, निर्दयी, चुगलखोर व हिंसक होता है। व्यर्थ बकवास करने का आदी होता है। भाई बंधुओं से झगड़ा करता है। राज्य दंड मिलने के कारण धन हानि होती है। जीवन में पिता का सुख कम ही होता है। जातक यदि पुत्री या उसके ससुराल वालों से धन ले, तो जीवन में दुख व निर्धनता ही देखेगा।

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